शुक्रवार, 15 दिसंबर 2017

गुजरात चुनाव के टर्निंग प्वॉइंट

 सरदार की खोज में गुजरात ने इस बार सारे रंग देख लिए । विकास भी पागल हुआ। पाकिस्तान की भी एंट्री हुई। किसी ने हाफिज का जिक्र किया तो किसी ने ISI का। एक बार जब जुबान खुली और मर्यादा गिरी तो गिरती चली गई। खिलजी और तुग़लक से होते हुए बात बाबर, अकबर और औरंगजेब तक पहुंची। नीची होती गई सियासत नीचता की हद को पार कर गई। लेकिन उस गोधरा का कहीं भी जिक्र नहीं हुआ, जिसके ईर्द-गिर्द पिछले 3 चुनाव लड़े गए। भटकते मुद्दे और बदजुबानी के तूफान में आकर अटकलें पेंडुलम की तरह डोलने लगी। गौर फरमाइए ज़रा उन टर्निंग प्वाइंट पर जहां से गुजरात चुनाव का रूख बदलता हुआ दिखा।

राहुल का हिंदूवादी अवतार

गुजरात चुनाव का सबसे बड़ा टर्निंग प्वॉइंट था ये। पहली बार राहुल गांधी का ये रूप देखा लोगों ने। राहुल का यूं हिंदूवादी अवतार में अवतरित होना चौंकाने वाला था। ललाट पर त्रिपुंड चंदन और गले में रूद्राक्ष की मालाधारण कर मंदिर-मंदिर घूमते दिखे ।  यहां तक कि कांग्रेस ने वकायदा जेनऊधारी ब्राह्मण घोषित कर दिया राहुल गांधी को। राहुल गांधी ने सॉफ्ट हिंदुत्व का झंडा उठाकर मुस्लिम तुष्टिकरण वाली छवि को ध्वस्त करने की कोशिश की। राहुल गांधी के हिंदूवादी अवतार ने बीजेपी के ध्रुवीकरण की राजनीति को डिरेल करने की कोशिश की। यहां तक कि मोदी से ज्यादा मंदिर जाकर खुद को बड़ा हिंदूवादी घोषित करने की कोशिश की।

राहुल का ये अवतार चौंकाने वाला था। लेकिन एग्जिट पोल के संकेत बता रहे हैं कि राहुल गांधी का हिंदूवादी बन जाना काम नहीं आया।  गुजरात का चुनाव का दूसरा टर्निंग प्वॉइंट था

मोदी का गुजराती अस्मिता कार्ड

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताक़त झोंक दी थी। इसकी बड़ी वजह ये थी कि 2002 के बाद पहला ऐसा चुनाव था, जिसमें मोदी गुजरात छोड़कर दिल्ली शिफ्ट कर गए थे। बीजेपी के पास मुख्यमंत्री का वैसा चेहरा नहीं था, जैसा मोदी का था। मोदी जैसा कद, पद और चेहरे से जूझ रही बीजेपी का खेवनहार बनकर आए और अपने कंधों पर पूरा बोझ उठाया। यहां तक कि चुनाव को आखिर-आखिर तक गुजराती अस्मिता से जोड़ दिया। चूकि गुजरात में मोदी से बड़ा कोई दूसरा नेता नहीं है। गुजरात अस्मिता की बात कर मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, ऐसे में मोदी की भावुक अपील ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया।

मोदी बार-बार खुद को गुजरात का बेटा कहकर लोगों से इमोशनली जुड़ने की कोशिश की। प्रधानमंत्री का यूं अपने गृहराज्य में खुलकर उतरना बड़ी बात थी। इसका फायदा भी मिलता हुआ दिख राह है बीजपी को।  गुजरात चुनाव का तीसरा टर्निंग प्वॉइंट था

हार्दिक पटेल की एंट्री

गुजरात चुनाव में पहली बार इस तरह से बीजेपी और कांग्रेस से अलग किसी जातीय नेता का उभार हुआ। पटीदार नेता के तौर पर हार्दिक की एंट्री हुई। हालांकि इसके पीछे बीजेपी सरकार की अपनी गलतियां थी। जिस तरह से पटेल आंदोलन से निपटने में बीजेपी सरकार चूकी, हार्दिक पर देशद्रोह का मुकदमा हुआ, फायरिंग में 14 लोगों की मौत हुई, उसने हार्दिक को बड़ा नेता बना दिया।

सियासी मौके की तलाश में खड़े हार्दिक ने राहुल गांधी का हाथ थाम लिया। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने दिल खोलकर पटेलों को टिकट दिया ।पटेल के साथ जिग्नेश और अल्पेश भी खुलकर सामने आए। 


लेकिन जो एग्जिट पोल बता रहे हैं उसके मुताबिक ये भी कुछ ज्यादा काम नहीं आया।पटेलों को वोट बंट गए। हार्दिक को जो उम्मीदें थी, वो होती नहीं दिख रही है। वहीं इस सब के बीच आखिरी वक्त में एक और टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ। वे थे

सिब्बल, अय्यर और पाकिस्तान
अयोध्या मसले पर कपिल सिब्बल का सुप्रीम कोर्ट में 2019 तक मंदिर न बनाने की दलील को बीजेपी ने लपक लिया। तो वहीं मणिशंकर अय्यर के पीएम को नीच कहना भी कांग्रेस भारी पड़ा। मोदी ने इस नीच शब्द को अपनी जाति से जोड़कर जबरदस्त इमोशनल कार्ड खेला। वहीं आखिरी में जिस तरह से कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पाकिस्तानी राजनयिकों के साथ गुप्त बैठक की, उसे भी बीजेपी ने बड़ा मुद्दा बना दिया

स्थिति ये हुई कि चुनाव प्रचार के आखिरी 5 दिनों तक कांग्रेस सिर्फ इन्हीं तीन मुद्दों पर सफाई देती रह गई। बीजेपी ने दूसरे फेज में इसका जमकर फायदा उठाया। लेकिन इस सब के बीच याद कीजिए तो गुजरात चुनाव से पहला और सबसे बड़ा टर्निंग प्वॉइंट था वो राज्यसभा का चुनाव जिसमें अहमद पटेल मैदान में थे। इस चुनाव का पटेल और अमित शाह दोनों ने प्रतिष्ठा का चुनाव बना दिया था। कांग्रेस टूट गई। विधायक छिटक गए। लेकिन कांग्रेस के अंदर यहीं, इसी जीत से आत्मविश्वास जगा। कई गुटों में बंटी पार्टी एकजुट हुई। वहीं सूबे में चेहरे की कमी को राहुल गांधी ने भरा। यहीं से बीजेपी ने भी खुद को दुरुस्त किया।

तमाम टीवी चैनलों के एग्जिट पोल बताते हैं कि कांग्रेस की तमाम मशक्कत यहां भी काम नहीं आई। कांग्रेस को पिछले चुनाव से फायदा जरूर मिलता हुआ दिखा,  लेकिन बीजेपी को हराने में काम नहीं आती दिख रही है कांग्रेस। कुल मिलाकर ये तमाम वे टर्निंग प्वॉइंट थे, जहां से गुजरकर गुजरात का चुनाव एक तरफा होता दिख रहा है। 

सोमवार, 27 नवंबर 2017

इवांका की अनकही बातें

इवांका का जन्म न्यूयॉर्क के मेनहेट्टन में 30 अक्टूबर, 1981 को हुआ था। इवांका की मां इवाना और पापा डोनल्ड ट्रंप के बीच साल 1991 में ही तलाक हो गया था। तब इवांका सिर्फ 9 साल की थीं।  इवांका के कुल 4 भाई-बहन हैं। दो भाई और एक बहन और एक भाई। इवांका अंग्रेजी के साथ-साथ फ्रेंच भी बोलती हैं। 
शायद बहुत कम लोगों को पता है कि दुनियाभर में मशहूर इवांका ट्रंप का असली नाम इवांका नहीं बल्कि इवाना है। इवाना का निकनेम इवांका है। इसका खुलासा साल 2010 में खुद इवांका ने ट्वीटर पर किया था। दरअसल इवानाकां की मां का नाम भी इवाना है। इवांका की मां अपनी बेटी को अपना नाम देना चाहती थीं। हालांकि इवांका अपने निकनेम से ज्यादा मशहूर हुईं।
डोनॉल्ड ट्रंप के चुनावी अभियान के दौरान वैनिटी फेयर नाम की मैगजीन ने तो इवांका को ट्रंप की 'प्रॉक्‍सी वाइफ' तक लिख डाला था। ये मां और बेटी में नाम की समानता की वजह से नहीं कहा था, बल्कि इसलिए कहा था क्योंकि ट्रंप के चुनावी अभियान में इवांका ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। मैगजीन का कहना था कि उसने ऐसा इसलिए लिखा क्योंकि उनकी पत्‍नी मेलानिया,  चुनाव अभियान में कहीं दिख ही नहीं रही थीं। मैगजीन के मुताबिक ट्रंप भी अपनी बेटी के साथ काफी सहज नजर आ रहे थे।
ये कहने की जरूरत नहीं है कि इवांका ट्रंप बेहद खूबसूरत हैं। बताया जाता है कि  इनकी खूबसूरती का बखान करते हुए इनके पिता डोनॉल्ड ट्रंप ने इवांका को कामूक बताया था। उन्होंने कहा था कि अगर इवांका उनकी बेटी न होती है तो उनके साथा डेट पर भी जाना चाहते। अमेरिका में चुनाव प्रचार के दौरान अचानक सामने आए ट्रंप के इस बयान पर खासा बवाल मचा था।
इवांका अपने पिता डोनॉल्ड ट्रंप के बेहद करीब हैं। राष्ट्रपति चुनाव के वक्त महिला विरोधी छवि की वजह से जब ट्रंप चौतरफा घिर गए थे, तब इवांका खुलकर अपने पिता के साथ दिखीं थीं। इवांका ने न सिर्फ अपने पिता पर लगाए जा रहे ऐसे इल्जाम का करार जवाब दिया बल्कि ट्रंप की महिला विरोधी छवि बनाने वालों के सामने डटकर खड़ी हुईं। डोनॉल्ड ट्रंप उस वक्त इवांका ने मुश्किल दौर से बाहर निकाले में मददगार साबित हुई थीं।
इवांका इतनी व्यस्तता के बावजूद अगर इतनी एक्टिव और खूबसूरत दिखाई देती हैं तो इसका राज उनकी रोज मेडिटेशन करने की आदत है। इवांका पूरे दिन में कम से कम 20 मिनट का टाइम मेडिटेशन के लिए निकाल ही लेती हैं। इवांका सुबह साढ़े 5 बजे उठती है। योगा करती हैं, फिर एक कप नींबू पानी पीती हैं। उसके बाद कॉफी पीती हैं। उसके बाद इवांका अख़बार पढ़ती हैं और बच्चों को स्कूल छोड़ने जाती हैं।
बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय दे सकें, इसलिए इवांका अपने तीनों बच्चों के उठने से पहले ही वह एक्सरसाइज पूरी कर लेती हैं। वह रोज 20 मिनट सबसे छोटे बेटे थियोडोर के साथ खिलौना कारों से खेलती हैं। सप्ताह में दो दिन इवांका खुद और पति जेरेड के लिए उनका पसंदीदा खाना बनाती हैं। दोनों परिवार को समय देने के लिए पहले शुक्रवार शाम फोन बंद कर देते थे, लेकिन व्हाइट हाउस से जुड़ने के बाद इसमें थोड़ी से रुकावट आ गई है।
इवांका और जेनार्ड कश्नर की मुलाकात 2007 में हुई। दोनों में दोस्ती और एक-दूसरे से प्यार करने लगे। 2009 में इवांका और जेनार्ड ने शादी की। शादी करने के बाद जेनार्ड ने अपना धर्म बदला लिया। वो ईसाई से यहूदी बन गईं। हालांकि वो धर्म को लेकर कभी भी खुलकर बात नहीं करना चाहती। इवांका बताती हैं कि इजरायल उनके दिल के काफी करीब है।
25 अक्टूबर 2009 को इवांका और जेनार्ड कश्नर ने सगाई की थी। सगाई में इवांका ने जो अंगूठी पहनी थी, उसके उसने खुद डिजायन किया था। दरअसल जेनार्ड ने डायमंड खरीद कर लाया था, उसे इवांका ने अपने हिसाब से  अंगूठी में सेट किया था।दोनों की सगाई में 500 से ज्यादा गेस्ट शामिल हुए थे।
इवांका के ससुर और जेनार्ड के पिता चार्ल्स कुशनर भी जेल जा चुके हैं। टैक्स चोरी और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप मे चार्ल्स को सजा हुई थी। उन्हें काफी वक्त तक सलाखों के पीछे रहना पड़ा था।
जेनार्ड कश्नर से शादी से पहले इवांका ट्रंप एक फिल्म प्रॉड्यूसर से प्यार करती थी, जो जेल भी जा चुका है। दरअसल इवांका ट्रंप जेम्स बिंग गुबलमैन नाम के फिल्म प्रॉड्यूसर  से प्यार करती थी। जेम्स से साल 2001 में इवांका की दोस्ती हुई। दोनों करीब 5 सालों तक रिलेशनशिप में रहे। 2005 में इवांका और जेम्स दोनों अलग हो गए। साल 2016 नें इवांका के पूर्व ब्वॉयफ्रेंड जेम्स को पुलिस ने कोकीन के साथ गिरफ्तार किया था।
शादी से पहले अमेरिकी मीडिया में इवांका ट्रंप के लव लाइफ की चर्चा खूब होती थी। कभी साइकलिंग के सरताज लांस आर्मस्ट्रॉंग के साथ उनका नाम जुड़ा तो कभी एक्टर टॉफर ग्रेस के साथ तो कभी एक्टर सीन ब्रॉसनन के साथ।
ये बहुत कम लोगों को पता होगा कि प्रेसिडेंट के चुनाव में जिस हिलेरी क्लिंटन को डोनॉल्ड ट्रंप ने हाराया था, उस हिलेरी की बेटी चेल्सी क्लिंटन और इवांका ट्रंप बहुत अच्छे दोस्त हैं। दोनों में दोस्ती अब भी बरकरार है। आपको बता दें कि अमेरिका के प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में ट्रंप की एंट्री से पहले इवांका हिलेरी को ही सपोर्ट करती थीं। 2008 में हिलेरी क्लिंटन ट्रस्ट को दान दिया था।
इवांका ट्रंप ने हाल ही में एक नीलामी वेबसाइट चैरिटी बज के लिए अपने साथ कॉफी पीने की कीमत रखी थी। इवांक के साथ न्‍यूयॉर्क या फिर वॉशिंगटन में अगर किसी को कॉफी पीनी थी तो उसे इसके लिए करीब 33 लाख रुपए कीमत अदा करनी पड़ती। हालांकि कुछ दिनों बाद जब कोई इस नीलामी के लिए आगे नहीं आया तो इसे कैंसिल कर दिया गया।
इवांका इस समय कई केस चल रहे हैं। इवांका पर इस समय लाखों रुपए का टैक्स बकाया है। न्यूयॉर्क के टैक्स डिपार्टमेंट ने एक कंपनी मैडीसन एवेन्यू डायमंड्स के खिलाफ वारंट जारी किया हुआ है। यह कंपनी इवांका ट्रंप के लिए बिजनेस करती थी और 27 जनवरी को इसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इसके अलावा इवांका पर सबसे बड़ी मुसीबत है उनके खिलाफ दायर किया गया तीन मिलियन डॉलर का केस जो न्‍यूयॉर्क के ही एक कोर्ट में चल रहा है।
अपने शुरुआती दिनों में इवांका ने पहले एक कंपनी में काम किया। जिसका नाम था, फारेस्ट सिटी एंटरप्राइज। कंपनी रियल स्टेट मैनेजमेंट और डेवलपमेंट के लिए काम करती थी। कुछ दिनों तक कंपनी के साथ काम करने के बाद इवांका ने साल 2007 में खुद का ज्वैलरी बिजनेस शुरू किया।  लेकिन 2011 आते-आते उन्होंने अपना फैमिली बिजनेस जॉइन कर लिया।
अमेरिका के राष्ट्रपति की बेटी और अरबपति बिजनेसमैन इवांका ट्रंप अपने पहनावे का विशेष ख्याल रखती हैं। वो सिर्फ एक ही ब्रांड की जूती पहनती हैं। इवांका पिछले कई सालों से ग्लैमरस लाइफ स्टाइल जी रही हैं। हाल ही उन्होंने एक कार्यक्रम में 32 लाख रुपये की ड्रेस पहनी थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि बचपन में इवांका के लिए उनकी मां ने 14 हजार डॉलर की बेडशीट खरीदा था।
ट्रंप फैमिली फैशनेबल लाइफस्टाइल के लिए जानी जाती है। डोनॉल्ड ट्रंप भी अपने ग्लैमर का कितना ख्याल रखते हैं इसका अंदाज़ा इस बात से लगा सकते हैं कि वो हर सुबह उठने के बाद हेयर ड्रायर से बाल को सेट करते हैं। लेकिन आपको यकीन नहीं होगा कि इवांका के पास हेयर ड्रायर नहीं है। वो हेयर ड्रायर की बजाय कुदरती हवा में अपने बाल को सुखाना पसंद करती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ 8 मिनट में इवांका अपना मेकअप कर लेती हैं।
ग्लैमरस लाइफ जीने वाली इवांका मॉडल रह चुकी हैं। इवांका जब 15 वर्ष की थीं तो एक मॉडलिंग एजेंसी ने उन्‍हें एड के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया था। अपने 15वें बर्थडे से पहले इवांका एले मैगजीन के कवर पेज और कई मैगजीन के पन्नों पर छा आ चुकी थीं। सिर्फ इतना ही नहीं उन्‍होंने कैटवॉक शूज और टॉमी हिलफिगर जैसे ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग तक की। हालांकि बाद में उन्हें मॉडलिंग की दुनिया रास नहीं आई। हाईस्कूल की पढ़ाई के बाद उन्होंने मॉडलिंग छोड़ दी।
इवांका के मॉडलिंग के पीछे भी एक कहानी है। बताया जाता है कि इवांका को पढ़ाई के लिए बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया। जहां उनका मन नहीं लगता था। जिस वजह से वो बीच में स्कूल बदलती रही। इवांका बोर्डिंग स्कूल को एक जेल मानती थीं, जो बच्चों को उनके परिवार से अलग कर देता है। बोर्डिंग स्कूल के ऊबाउपन से बचने के लिए इवांका ने मॉडलिंग शुरू की। ये बात उन्होंने खुद 2007 में मैरी क्लियर नाम की पत्रिका से बातचीत में कहा था। 
मॉडलिंग कॅरिअर के बाद इवांका का झुकाव कारोबार की तरफ हुआ। उन्होंने पिता से प्रेरणा ली और धीरे-धीरे कारोबार के गुर सीखने शुरु कर दिए। बिजनेस की दुनिया में कदम रखने के साथ इवांका के अपना ही करोडों का कारोबार खड़ा कर लिया। 'इवांका ट्रंप' ब्रांड के जरिए उन्होंने डायपर बैग, बच्चों के जूतों से लेकर लडकियों के कपडे और गहने तक बेचे। 2005 में उन्होंने दो भाइयों के साथ पिता का कारोबार भी संभाल लिया।
इवांका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई उसी स्कूल में की है, जहां से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कनेडी ने पढाई की थी। ये स्कूल न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में स्थित है। इवांका अर्थशास्त्र में ग्रैजुएट हैं। पेनेस्लाविया यूनिवर्सिटी के  वार्ट्सन स्कूल ऑफ बिजनेस से 2004 में इवांका ने ग्रैजुएशन पूरा किया था।
मॉडलिंग के दौरान खूबसूरती के लिए विख्यात हो चुकी इवांका ट्रंप को चर्चित टीवी शो द बैचलरेट के लिए ऑफर दिया गया था। इस प्रोग्राम में किसी लड़की को कई हफ्तों तक अलग-अलग लड़कों के साथ प्यार करना पड़ता है। इवांका ट्रंप में इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।
इवांका दुनिया की कुछ उन महिलाओं में से हैं जो फैशन को लेकर बेहद ही कॉसियस रहने वालों में से हैं। और हों भी क्यों नहीं आखिर एक मॉडल रहीं मां की बेटी हैं वो। आज की तारीख में इवांका अपने खुद के फैशन बिजनेस में इंवेस्ट कर रही हैं। उनके फैशन ब्रांड में ज्वैलरी से लेकर हैंडबैग, कपड़े, जूते सब कुछ मौजूद हैं जिसको पब्लिक से अच्छी रिव्यु मिल रही है। 
इवांका ने दो किताबें भी लिखी हैं जिनमें पहली किताब है ट्रंप कार्ड जो कि वर्ष 2009 में रिलीज हुई। उनकी दूसरी किताब थी, 'वीमेन हू वर्क: रिराइटिंग द रूल्‍स फॉर सक्‍सेस'। यह किताब इस वर्ष की शुरुआत में रिलीज हुई थी। इस किताब को इवांका न कामकाजी महिलाओं को ध्यान में रखकर लिखा था। हालांकि उनकी दोनों ही किताबों को अच्‍छे रिव्‍यूज नहीं मिले थे।
चीन में इवांका का बिजनेस काफी बढ़ रहा है। यहां तक कि वहां तो इवांका का नाम रजिस्टर कराने की भी होड़ मची हुई है। चीन में करीब 65 ऐसे लोगों हैं जिन्होंने इवांका के नाम पर अपने प्रॉडक्‍ट का नाम रजिस्‍टर कराने के लिए एप्‍लीकेशन दी हुई थी। सिर्फ इतना ही चीन में इवांका का क्रेज इस कदर है कि यहां की लड़कियां उनके जैसा दिखने के लिए प्‍लास्टिक सर्जरी तक कराने में लगी हुई हैं।
इवांका का अपार्टमेंट कई तरह के आर्ट वर्क से सजा हुआ है। ब्‍लूमगबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इवांका को आर्ट का काफी शौक है और यह बात उनके अपार्टमेंट से साबित हो जाती है। इवांका समय-समय पर आर्ट कलेक्‍शन के सामने अपनी फोटोग्राफ को क्लिक कराकर इसे इंस्‍टाग्राम पर अपडेट भी करती रहती हैं।
इवांका सोशल साइट पर काफी एक्टिव रहती हैं.. हाल ही में अमेरिका के पूर्व प्रेसिडेंट ओबामा की बेटी मालिया की स्मोकिंग की तस्वीर वायरल हुई थी.. जिस पर इवांका ने भी प्रतिक्रिया दी... इवांका ने लिखा था... उनके कॉलेज के बच्चों को जो गोपनीयता हासिल है, वही मालिया को भी मिलनी चाहिए... वह एक यंग लड़की है और निजी नागरिक है... किसी की प्राइवेट लाइफ में झांकने की लिमिट होनी चाहिए... इवांका के बाद बिल क्लिंटन की बेटी चेल्सी क्लिंटन ने भी इवांका के समर्थन में ट्ववीट किया था...

बुधवार, 8 नवंबर 2017

GST तेरे कितने नाम !

गब्बर सिंह टैक्स, ग्रेट सेल्फिश टैक्स, गुड एंस सिम्पल टैक्स, गौ सेवा टैक्स । पता नहीं कितने नाम हैं GST के। नेताओं के बीच तो मानो जंग छिड़ी हुई है नामकरण को लेकर । इतनी मेहनत तो कोलंबस ने भी नहीं की होगी किसी देश को खोजने में, जितनी शिद्दत से हमारे माननीय GST का नया-नया नाम ढूंढने में जुटे है। सोते-जागते, उठते-बैठते, छोटा-बड़ा कमोबेश हर नेता GST के नाम के पीछे पड़ा है। जिसके मन में जो आ रहा है, वही जीएसटी का फुल फॉर्म गढ़ रहा है। जो जैसा चाह रहा है, वैसी व्याख्या कर रहा जीएसटी की। सौ मर्तबा सोचने के बाद GST का नया नाम ढूंढने वाले नेता ऐसे खुश हो रहे हैं, जैसे हड़प्पा संस्कृति की खोज की हो उन्होंने। GST के नाम पर नई विवेचना की है ममता बनर्जी ने। बंगाल वाली दीदी ने मोदी के जीएसटी को ग्रेट सेल्फिश टैक्स का नाम दिया है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि ग्रेट सेल्फिश टैक्स लोगों को परेशान करने के लिए लगाया गया है, नौकरियां छीनने के लिए. व्यवसाय को चोट पहुंचाने के लिए लगाया गया। 

ममता बनर्जी से पहले राहुल गांधी ने अपने शब्दों का पिटारा खोलकर नया नाम दिया था जीएसटी का। जीएसटी को जरिए मोदी सरकार को विफलता की चोटी पर बिठाने वाले राहुल को गुजरात में फिल्म शोले याद आ गया था। राहुल जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बता रहे हैं। 

विपक्ष के सबसे बड़े विधाता ने जीएसटी को नया नाम दिया तो बाकी नेताओं में भी होड़ लग गई। लालू यादव, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी से लेकर हर दल के नेता ने अपनी रिसर्च टीम GST के नया नाम ढूंढने में लगा दिया। हालांकि देश के सबसे बड़े सुल्तान इसे साधारण शब्दों में गुड एंड सिम्पल टैक्स बता-बात कर लोगों को रटा रहे हैं। 

बात सियासी गलियारों से निकली तो सोशल मीडिया के आसमान में धुंध की तरह छा गई। लोगों की विलक्षण प्रतिभा के ऐसे-ऐसे नमूने देखने को मिले, जिसका अंदाजा भी नहीं होगा। किसी ने जीएसीट का फुल फॉर्म बताया- गई सरकार तुम्हारी तो किसी ने ग्रेट स्टूपिड टैक्स बताया। यानी जितने मुंह उतनी नाम। स्थिति तो ये है कि जीएसटी के नाम पर बेचारा गूगल भी कंफ्यूज हो गया है । मोदी के जीएसटी पर कुछ और नाम लिखता है। राहुल के जीएसटी पर कुछ और नाम। दूसरे नेताओं की जीएसटी पर कुछ और। हालांकि जीएसटी का असल फुल फॉर्म होता है गुड एंड सर्विस टैक्स। इसलिए सब कह रहे है कि हे जीएसटी ! तेरे कितने नाम।

मंगलवार, 7 नवंबर 2017

किम को चापलूसी पसंद है !

दुनिया के सबसे कम उम्र का एक तानाशाह, जो अपनी बदमिजाजी के लिए कुख्यात है। जिसकी क्रूरता की अनंत कहानी है। छोटे से मुल्क का सिरफिरा सेना प्रमुख, जो अपनी जिद के आगे किसी को कुछ भी नहीं समझता । वो बददिमाग क्रूर शासक, जिसकी जुबान ही उस देश का कानून है । जो खुद को खुदा से कम नहीं कहता । 

जिस शख्स का दिल चट्टान की तरह सख्त है, दिमाग खुराफातों से भरा हुआ है, जिसके ठहाकों में भी क्रूरता गूंजती है, जो एक छोटी सी गलती पर भी सबसे खौफनाक मौत की सजा देता है, जो शख्स अपनी परछाई पर भी यकीन नहीं करता, वो बेरहम किम जोंग उन एक नंबर का चापलूस पसंद है। किम के दरबार में उसकी जी हुजूरी गैंग की महफील सजती है। 
अपने ईर्द-गिर्द चापलूसों की फौज खड़ी करना वाले किम जोंग अपने दरबारियों के लिए कुछ भी कुर्बान करने कि लिए तैयार रहता है। आंखों में खटकने वालों को सूली पर टांगने वाला किम जोंग चाटुकारों को उपहारों से तौल देता है। उसे अय्याशी का सरकारी सर्टिफिकेट देता है। तानाशाह की जी हुजूरी फौज कैसे फूल मौज करती है, उनके लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं की गई है,  ये जानने से पहले जानिए कि तानाशाह की इस टोली में होता कौन-कौन है ?
वे तमाम लोग उसकी जी हुजूरी कोर टीम में  शामिल हैं, जो उसके एक इशारे पर हुक्म बजाने के लिए तैयार रहते हैं। सेना के बड़े अधिकारी, सरकार के मंत्री, किम के आसपास रहने वाले वे लोग, जिसपर वो आंख मूंदकर भरोसा करता है। सरकारी कर्मचारी भी किम जोंग उन की जी हुजूरी टीम के हिस्सा हैं। 

उत्तर कोरिया के इस सर्वोच्च शख्स के हां में हां मिलाने वाले मुट्ठीभर लोगों के लिए किम जोंग ने कैसे सरकारी खजाना खोल दिया है, उन्हें क्या-क्या सुविधाएं दी गई हैं, वो देखिए ज़रा। ये तस्वीर उत्तर कोरिया की ही है। एक तरफ जहां लोग दाने-दाने के लिए मोहताज हैं, वहीं दूसरी तरफ गरीबों के खून-पसीने की कमाई को किम जोंग अपने चापलूसों पर उड़ाता है।  

किम जोंग की जी हुजूरी गैंग के सदस्यों को मुफ्त में शराब पिलाई जाती है। लाखों खर्च कर राजधानी प्योंगयांग में ही कई ऐसे बार बनाए गए हैं, जहां किम की जी हुजूरी गैंग के कोर मेंबर पहुंचते हैं और छक कर शराब पीते हैं। पीते-पीते कई बार टल्ली हो जाते हैं। लेकिन किसी की हिम्मत नहीं होती कि उन्हें रोके ।

कूर तानाशाह किम जोंग की जी हुजूरी गैंग के कोर मेंबर के लिए राजधानी में ही घर बनाया गया है। इस घर के पास स्पा से लेकर इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम तक की व्यवस्था की है। जहां पहुंचकर ये लोग मौज-मस्ती करते हैं।

किम के चापलूसी फौज की मौज की ये तस्वीर देखिए ज़रा। इनके लिए प्योंग्यांग में अम्यूजमेंट पार्क बनाया गया है। वहां पर वाटर स्पोर्ट्स का इंतजाम किया गया है। जहां किम की जी हुजूरी टीम के सदस्यों के परिवार के लोग आते हैं। इनकी ज़िंदगी शाही अंदाज़ में कटे इसके लिए पैसों को पानी की तरह बहा रहा है किम जोंग। 

किम जोंग की जी हुजूरी गैंग के कोर मेंबर के लिए अय्याशियों का पूरा इंतजाम किया गया है। चापलूसों के लिए बैंड की फ्री सर्विस है। जिनमें प्लेज़र स्क्वाइड की एक टुकड़ी इनकी अय्याशी के लिए भी होती है..जो इनके लिए गाना गाती है और शराब पिलाती है।

उत्तर कोरिया ने अपनी कॉस्मेटिक इंडस्ट्री को भी विकसित कर लिया है ताकि किम की जी हूजरी गैंग के कोर मेंबर की ज़िंदगी में किसी तरह की तकलीफ न हो।  आपको जानकर हैरानी होगी कि जबकि आम लोगों के घरों में जहां टेलिविजन पर महज तीन चैनल दिखाने की इजात है, वहीं किम की चापलूसी फौज के लिए इंटरनेट तक के इंतजाम किए गए हैं। उनके लिए बकायदा फिल्मों की सीडी मंगवाई जाती है बाहर से। 

शायद आपको पता होगा कि उत्तर कोरिया में आम लोग कितने भी अमीर क्यों न हो, उन्हें कार पर चलने की इजाजत नहीं होती है। लेकिन किम की जी हुजूरी गैंग के कोर सदस्यों के लिए बड़ी गाड़ियों के इंतजाम किए गए हैं। अपनी जी हुजूरी गैंग पर तोहफों की आसामानी बरसात करने वाले किम जोंग के राज की इस ख़ौफनाक सच्चाई से रू-बरू होइए ज़रा ।  

साल 2009 में हुई एक स्टडी के मुताबिक उत्तर कोरिया में प्री स्कूल जाने वाले बच्चे दक्षिण कोरियाई बच्चों के मुताबिक 13 सेंटीमीटर छोटे और 7 किलोग्राम हल्के होते हैं। औसत उत्तर कोरियाई कुपोषित हैं। लोग चावल के साथ 'इनजोगोगी' या एक तरह का मानव निर्मित मांस खाने को मजबूर हैं। उनके खाने में मुख्यतौर पर चावल, मक्का, किमची और बीन पेस्ट होता है जिनसे जरूरी वसा और प्रोटीन भी नहीं मिलता।  मुफलिसी में जीने वाले लोग कुत्ते, खरगोश और बिज्जू जैसे जानवरों का मांस खाकर जीवन बसर करते हैं, वहीं किम के कोर टीम के सदस्यों के लिए जहां पोर्क के इंतजाम होते हैं।

कुल मिलाकर जो उत्तर कोरिया आम लोगों को लिए किसी काल कोठरी से कम नहीं है, जहां के इंसान जानवर के मानिंद जीने के लिए मजबूर हैं, जहां लोगों को अपनी ज़िंदगी पर भी इख्तियार नहीं है, उसी उत्तर कोरिया में क्रूर तानाशाह की जी हुजूरी गैंग के सदस्य पूरी ठसक के साथ शाही जिंदगी जीते हैं। इसे जिद्दी तानाशाह का पाप कहिए या फिर उसके राज में रहने की सजा । लेकिन हकीकत यही है। उत्तर कोरिया में जिंदगी वही जी रहा है जो किम जोंग उन की जी हुजूरी गैंग का सदस्य है, जो उसकी हां में हां मिलाता है।

शुक्रवार, 3 नवंबर 2017

किम जोंग उन की हाफ गर्लफ्रेंड !

1. नॉर्थ कोरिया का क्रूर तानाशाह किम जोंग क्रूरता की पाराकाष्ठा पार चुका है। किम जोंग की खूनी दास्तां की एक से बढ़कर एक कहानी जगजाहिर है। सिरफिरे किम जोंग के जुल्म के एक से बढ़कर एक किस्से हैं। दिल और दिमाग से बेहद सख्त ये शख्स एक नंबर का इश्क मिजाज भी है। यूं तो किम जोंग को बचपन से ही लड़कियों के बीच रहने का शौक था। स्कूली दिनों में ही इसकी अय्याशी का चर्चा चारों तरफ होने लगा था, लेकिन क्या आपको पता है कि ये इस बदमिजाज तानाशाह को उस वक्त प्यार हो गया था, जब ये महज 17 साल का था। 17 साल का किम जोंग एक बेहद ही खूबसूरत लड़की पर फिदा हो गया था । लड़की भी किम जोंग को दिलो जान से चाहती थी। 

2. किम और उसकी गर्लफ्रेंड के बीच में कौन बना रोड़ा, कैसे किम जोंग की आशिकी अधूरी रह गई, ये जानने से पहले हम आपको बताते हैं कि उसकी गर्लफ्रेंड का नाम क्या था और कैसे किम जोंग का उस पर दिल आ गया। दरअसल किम जोंग की जिस लड़की पर पहली बार दिल आया था, उसका नाम था ह्योन सोंग ओल। ह्योन सोंग मोरानबोंग नाम के बैंड की लीड सिंगर और परफॉर्मर थी। वो जगह-जगह परफॉर्म करने के लिए जाती थी। ह्योन को पहली बार देखने के बाद ही उस पर लट्टू हो गया था किम जोंग। शानदार परफॉर्मेंस के लिए ह्योन सोंग की चर्चा चारों तरफ हो रही थी ।  

3. ह्योन सोंग जितनी अच्छी सिंगर थीं, उतनी ही अच्छी परफॉर्मर थीं यही वजह है कि पूरे उत्तर कोरिया में ह्योन सोंग की चर्चा हो रही थी। स्टेज पर एक से बढ़कर एक यादगार परफॉर्मेंस ह्योन सोंग के नाम दर्ज था। उत्तर कोरिया ही क्यों, पड़ोसी देश चीन में भी जाकर ह्योन सोंग परफॉर्म करती थीं। कहते हैं कि जब की कोई दूसरा ह्योन सोंग की तारीफ करता था, ये बात किम जोंग को काफी अखरता था। 

4. ह्योन सोंग को भी राजकुमार किम जोंग उन पसंद आ गया था। दोनों एक-दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करने लगे। एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे। दोनों एक-दूसरे से मिलते थे। साथ-साथ घूमने के लिए जाते थे। वक्त के साथ दोनों का प्यार परवान चढता गया। 7-8 बरस से ज्यादा वक्त तक दोनों रिलेशनशिप में रहे। लेकिन एक दिन वो हुआ, जिसकी आशंका दोनों में से किसी को नहीं थी। दोनों की शादी करने के फैसले का पता जैसे ही किम जोंग उन के पिता और तत्कालीन राष्ट्राध्यक्ष किम जोंग इल को मिली, उन्होंने ऐसा हुक्म सुनाया, जिसका अंदाजा नहीं था। पिता के फिरमान पर किम जोंग उन का ह्योन सोंग से ब्रेक अप हो गया। ह्योन सोंग से रिश्ता टूटने के बाद एक दूसरी लड़की की एंट्री हुई किम की जिंदगी में । 

5 . ह्योन सोंग से ब्रेक अप होने के बाद राजकुमार किम जोंग की जिंदगी में आने वाली लड़की कौन थी ? उस लड़की के साथ का सफर कैसा रहा किम का ? ये जानने से पहले जानिए कि पिता के आदेश पर किम ने भले ही ह्योन सोंग को ठुकरा दिया, लेकिन वो उसे अपने दिन से निकाल नहीं पाया। किम के दिल के एक कोने में ह्योन सोंग की याद मौजूद थी। इस बीच 2011 में किम के पिता की मौत हो गई और वो राजकुमार से राजा बन गया। राजा क्या बना, एक शर्मीला लड़का तानाशाह बन गया। जिद्दी जल्लाद की मानिंद वो लोगों से सलूक करने लगा।  कभी लोगों से मिलकर उनके दिलों में मोहब्बत पैदा करने वाला किम जोंग का अचानक राक्षसी रूप सामने आ गया। किम जोंग की बर्बरता के किस्से सरेआम होने लगे। वो लोगों को मरवाने लगा। किम जोंग के इस रूप को देखकर हो गई दंग था। 

6. हालांकि बताया जा रहा है कि किम जोंग उन के अचानक हृदय परिवर्तन के पीछे भी इश्क का फसाना ही था। उसकी हाफ गर्लफ्रेंड ही थी। कहते हैं कि अधूरी आशिकी में किम जल्लाद बन गया।  ह्योन सोंग से अलग होने के बाद वो काफी ज्यादा सख्त हो गया। वो रात-रात भर जागकर ह्योन सोंग को याद करता था। कभी उसके गाने सुनता था तो कभी उसकी तस्वीरें देखता था। बताया जाता है कि एक वक्त में पागल की तरह करने लगा था वो किसी से ह्योन सोंग को अपने करीब लाना चाहता था। 

7. एक तरफ किम जोंग उन सिंगर ह्योन सोंग की याद में पागल हुए जा रहा था तो दूसरी दूसरी तरफ ह्योन सोंग भी उसे भुला नहीं पाई । हालांकि किम से दूर होने के बाद वो अपने म्यूजिकल ग्रुप पर ज्यादा फोकस करने लगी थी। अचानक 2012 में तब अचानक सुर्खियों में आई, जब उन्होंने चीन के एक म्यूजिक कांसर्ट में गाने से इनकार कर दिया था।  इसके पीछे वजह थी कि चीन के अधिकारियों ने स्टेज के बैकग्राउंड पर नॉर्थ कोरिया के मिसाइल लॉंच की फोटोज़ दिखाने से मना कर दिया था, जिसके बाद ह्योन अपने पूरे बैंड के साथ वापस अपने देश लौट गई थीं।

8. इस बीच ख़बर ये भी आई कि ह्योन सोंग को किम ने अपना पर्सनल सेक्रेटरी बना लिया है। हालांकि दूसरी तरफ ह्योन का म्यूजकल ग्रुप भी चल रहा था। अचानक 2013 में ऐसी ख़बर मीडिया में आई, जिसके बारे में जिसने भी सुना दंग रह गया। मीडिया रिपोर्ट्स में ख़बर आई कि सिरिफिरा किम जोंग ने अपनी पहली गर्लफ्रेंड ह्योन सोंग उल को मरवा दिया है। सिर्फ ह्योन सोंग उल को ही नहीं, बल्कि उसके साथ पूरे म्यूजिकल ग्रुप को ही सकनी किम जोंग ने मौत के घाट उतार दिया। इसके बीच की वजह ये बताई गई कि ह्योन सोंग की म्यूजिकल ग्रुप पोर्न फिल्में बना रहा था। ये बात किम जोंग को पसंद नहीं आई, और इसी बात से ख़फा होकर उसने फायरिंग स्क्वाड से पूरे ग्रुप को उड़वा दिया। 

9. किम जोंग के अधूरे इश्क के खौफनाक अंत के किस्से पूरी दुनिया में सुनाये जाने लगे थे । किम की क्रूरता की लिस्ट में उसकी पूर्व गर्लफ्रेंड का नाम जुड़ चुका था। लेकिन एक साल बाद साल 2014 के मई महीने में ह्योन सोंग उल अचानक टीवी पर दिखीं। सिंगर ह्योन सोंग एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रही थी।  ये स्पीच देते वक्त ह्योन सोंग आर्मी के ड्रेस में दिख रही थी। बताया ये भी गया कि ह्योन सोंग ने बाद में किसी और शख्स से शादी कर ली। 

10. ह्योन सोंग उल से ब्रेक अप होने के बाद जब किम जोंग अजीब सी हरकत करने लगा था, वो बेचैन सा रहने लगा था, तब एक दिन अचानक उसकी ज़िंदगी में एक खूबसूरत लड़की की एंट्री हुई। ये उस वक्त की बात है जब जोंग के पिता जिंदा थे और उत्तर कोरिया का शासक हुआ करते थे। किम जोंग उन की पहली मोहब्बत अधूरी रह गई थी, उसे वो कोई नाम नहीं दे पाया था, लिहाजा दूसरी लड़की को देखने के बाद उसके जेहन में सौ सवाल कौंध गए थे एक साथ। लेकिन वो लड़की ही ऐसी थी, जिसे देखने के बाद क्रूर किम जोंग खुद को रोक नहीं पाया। उसकी खूबसूरती पर किम जोंग उस लड़की की तरफ खींचा चला गया।  

11. किम जोंग की मोहब्बत की दूसरी कहानी शुरू हो चुकी थी। वो उस लड़की से मिल भी चुका था और बात भी कर चुका था । इस लड़की से शादी को लेकर किम जोंग उन ने अपने पिता  किम जोंग इल से बात की। पिता को बताया कि वो उससे शादी करना चाहता था। तानाशाह पिता ने इस बार अपने बेटे की बात मान ली। उस लड़की से किम की शादी हो गई। लेकिन इस बात से दुनिया बेख़बर थी। उत्तर कोरिया के लोगों को बिल्कुल भी इस बात की भनक नहीं थी कि किम जोंग उन की शादी हो चुकी था। बहुत की गुपचुप तरीके से किम की शादी की गई थी। बताया तो ये भी जाता है कि किम जोंग उन की एक बच्चा भी है। 

12. किम जोंग उन की शादी की बात तब सार्वजनिक हुई, जब साल 2012 में उत्तर कोरिया का ये तानाशाह एक दिन एक बेहद की खूबसूरत लड़की के साथ नज़र आया। इस खूबसूरत लड़की को किम के साथ देखकर तमाम तरह के कयास लगाए जाने शुरू हो गए। यूं तो किम जोंग पहले से ही अय्याश किस्म का था, लिहाजा लोग इसे बहुत सीरियसली नहीं ले रहे थे। लोगों की चर्चा के बीच कुछ दिन बाद ही नॉर्थ कोरिया की सरकारी मीडिया ने ऐलान किया कि वह महिला किम जोंग की वाइफ हैं और उनका नाम रि सोल जू है । नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की रहस्यमयी दुनिया की एक अहम हिस्सा उनकी पत्नी रि सोल जू भी हैं। 

13. किम जोंग उन और रि सोल जू की मोहब्बत का दास्तां भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। हुआ यूं कि उत्तर कोरिया के कैपिटल सिटी प्योंगयांग में एशियन एथलीट चैंपियनशिप चल रहा था। इस में  90 चीयरलीडर शामिल थी, जो परफॉर्म कर रही थीं। इसी 90 चीयर लीडर में से एक रि सोल जू भी थीं। इस कार्यक्रम में किम जोंग उन भी पहुंचा था। अचानक किम जोंग की नज़र स्टेडियम से बाहर परफॉर्म कर रही रि सोल जू पर पड़ीं। री सोल जू बेहत ही खूबसूरत और दिलकश थीं। रि सोल को देखन के बाद किम जोंग खुद को रोक नहीं पाया। रि सोल को किम ने अपने पास बुलाया और उसे अपने दिल की बात बता दी। गुड़िया की तरह दिखने वाली रि सोल को यकीन ही नहीं हो रहा था कि अचानक से उसकी जिंदगी में राजकुमार की एंट्री हो गई। 

14. कुछ दिनों तक एक-दूसरे से प्यार करने के बाद किम जोंग और रि सोल जू के बीच शादी हो गई। रि सोल के बार में नॉर्थ कोरिया की मीडिया ज्यादा जानाकारी देने से बचता रहा है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रि सोल जू की मां डॉक्टर और पिता प्रोफेसर हैं। वहीं रि ने प्योंगयांग से कॉलेज की पढाई की और चीन में सिंगिंग की ट्रेनिंग ली थी। किम जोंग से शादी से पहले वो ऑर्केस्ट्रा में सिंगर थी। तरह-तरह के कार्यक्रम में बतौर चीयर लीडर भी शरीक होती थी। बतौर चीयर लीडर रि सोल की जमकर तारीफ भी होती थी। बेहद दिलकश होने की वजह से वो लोगों की नज़रों में आती थी। वो जिस भी कार्यक्रम में जाती थी, वहां छा जाती थी। यही वजह कि किम को भी 90 चीयर लिडर्स में से रि सोल पर ही नज़र पड़ी।

15. किम जोंग उन नहीं चाहता था कि लोग ये  जाने की उसकी बीवी चीयर लीडर है। पहले तो उसने अपनी पत्नी को लेगों की नज़रों से दूर रखा। वहीं दूसरी तरफ रि सोल की अतीत के रिकॉर्ड मिटाने के लिए कोशिश की गई है। कोशिश ही नहीं, सिरफिरे किम जोंग ने इसके पीछे पूरी ताकत झोंक दी। अपनी पत्नी से बेपनाह प्यार करने वाला किम जोंग नहीं चाहता था कि लोग ये जाने की रि सोल का अतीत क्या है। किम जोंग कितना जिद्दी है, ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है। उत्तर कोरिया की मीडिया में उसकी बीवी के पुराने दिनों को लेकर आपको कहीं से भी कोई ख़बर नहीं मिलेगी। न तो किसी टीवी चैनल रि सोल की पुरानी ख़बरें चलती है और न ही अख़बारों में छपती है। आपको सोशल साइट्स पर भी सि सोल की पुरानी तस्वीरें न के बराबर मिलेगी। 

16. किम जोंग उन अपनी बीवी से बेइंतहा मोहब्बत करता है। परी जैसी दिखने वाली रि सोल को जब पहली बार किम जोंग ने देखा था, तो इसकी खूबसूरती में डूब गया था। क्रूर स्वभाव के किम जोंग ने रि सोल की जमकर तारीफ की था। पहली ही मुलाकात में किम ने रो सोल से कहा था कि इतनी दिलकश लड़की उसने अपनी ज़िंदगी में कभी देखी नहीं है। रि सोल के कसीदे में किम ने कहा था कि वो जितनी ज्यादा खूबसूरत है, उससे कहीं ज्यादा मीठी उसकी आवाज़ है। किम ने कहा था की आवाज़ किस कदर पसंद है, उसे वो बयां नहीं कर सकता ।   

17. पिछले कुछ दिनों से किम जोंग अपनी पत्नी के साथ अक्सर दिखता है। कई ऐसे मौके आए हैं, जब किम जोंग अपनी बीवी रि सोल का हाथ थामे दिख जाता है। चाहे रक्षा से जुड़ा कोई कार्यक्रम हो या फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम, उसमें किम के साथ रि सोल भी दिख जाती हैं। कहते हैं कि शादी की 6 साल बाद भी किम अपनी पत्नी से उतना ही प्यार करता है। चीयर लीडर से महारानी बनी रि सोल भी अपने पति का बखूबी साथ देती है। एक सनकी तानाशाह के अपनी बीवी से इस तरह के प्यार पर एकबारगी किसी को यकीन नहीं होता। लेकिन सच यही है कि अपने इश्क के अधूरे किस्से को वो अपने दूसरी महोब्बत के साथ मुकम्मल बनाना चाहता है। 

18. अभी कुछ दिनों पहले की ही बात है जब किम जोंग अपनी पत्नी के साथ एक कॉस्मेटिक फैक्ट्री में पहुंचा। जिस फैक्ट्री में किम और रि सोल पहुंचे थे, वहां पर साबुन, फेस क्रीम समेत तमाम तरह के सौंदर्य उत्पाद बनते हैं। किम ने कॉस्मेटिक कंपनी की प्रशंसा की और विश्व स्तरीय सौंदर्य प्रसाधन बनाने के लिए कहा। जानलेवा बम बनाने में व्यस्त रहने वाले किम जोंग की इस फैक्ट्री के दौरे के पीछे की वजह भी उसकी अपनी पत्नी के साथ मोहब्बत ही है। जबकि अमेरिका के साथ नॉर्थ कोरिया का रिश्ता बेहद तल्खी के दौर से गुजर रहा है, उस दौर में भी वो वक्त निकालकर अपनी बीवी को घूमा रहा है। कहा जा रहा है कि अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड यानी बीवी की खूबसूरती को लेकर बेहद परवाह करता है। 

19. उत्तर कोरिया का ये इश्कबाज़ तानाशाह भले ही अपनी बीवी से बेइंतहा मोहब्बत करता हो, लेकिन ये भी सच है कि वो अब तक अपनी पहली गर्लफ्रेंड को पूरी तरह से भुला नहीं पाया है। किम की हाफ गर्लफ्रेंड ह्योंग सोंग अब भी किम के दिल में रहती है। यही वजह है कि उसे पहले अपनी सेक्रेटरी बनाया और अब उसे अपनी पार्टी में भी अहम जिम्मेदारी दी है। अमेरिका के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच इसी साल 8 अक्टूबर को तानाशाह किम जोंग-उन ने अपनी ‘वर्कर्स पार्टी’ में बदवाल किया। इस फेरबदल में किम ने अपने करीबियों के साथ-साथ अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड ह्योन सोंग-वोल को भी पार्टी की सेंट्रल कमेटी में प्रमोट किया है । 

20. निर्दयी कुख्यात किम जोंग उन विध्वंसकारी हथियारों से भी अपनी गर्लफ्रेंड की तरह मोहब्बत करता है। खतरनाक हथियारों को बेहद ही संभालकर रखता है किम जोंग। हथियारों से प्यार का नतीजा ही है कि किम जोंग इस साल 19 मिसाइलों का परीक्षण कर चुके हैं। जब से वो सत्ता पर काबिज हुआ है तब से लेकर अब तक किम के कार्यकाल में 85 मिसाइलों का टेस्ट हो चुका है। 3500 टैंक, 21100 तोपखाने हैं। न्य़ूक्लियर बम,  हाइड्रोजन बम, केमिकल बम से लेकर बीमारी बम तक तैयार करवा लिया है किम जोंग ने। ख़बर तो यहां तक है कि अब वो अंतरीक्ष पर भी कब्जा करने की तैयारी में है। वो इन्हीं हथियारों की बदौलत ही अमेरिका जैसे सुपर पावर से टकराने के लिए तैयार है। कहते हैं कि किम के हथियार जहां रखे हुए हैं, वहां तक किसी को भी भटकने की एंट्री नहीं है। 

शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

जनता फटेहाल...नेता मालामाल

एक झोपड़ी से निकलकर राजनीति के आसमान में झिलमिल सितारों की तरह चमकने वाले लालू यादव हों...या एक गांव के स्कूल में पढ़ाते-पढ़ाते समाजवादी सियासत के शिरोमणि बने मुलायम सिंह या फिर दिल्ली की एक गली से निकलकर लखनऊ के महल में विराजने वाली मायावती हो ...चौटाला...जयललिता...डीके शिवकुमार...या फिर जगनमोहन रेड्डी हों। सियासत में इनकी सफलता की असीमित ऊंचाई तक पहुंचने का सफर जितना दिलचस्प है। उससे कहीं ज्यादा मजेदार है इनकी अकूत संपत्ति के मालिक होने की कहानी। ऐसे एक-दो नहीं पूरे 289 नेताओं की लिस्ट है कोर्ट के पास, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी के चंद बरस सियासी कुर्सी पर निवेश किया और प्रॉफिट पूरे 500 परसेंट की हो गई। जनता फटेहाल रह गयी लेकिन देह पर खादी ओढ़ते ही ये नेता मालामाल हो गए। सियासत करते-करते इन्होंने इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया कि सुप्रीम कोर्ट तक को पूछना पड़ा कि नेता बनते ही ये लोग कैसे साक्षात लक्ष्मी का पदार्पण हो जाता है इनके घर में ? कैसे कुबेर इनके ऊपर कृपा बरसाने लगते हैं ? कोर्ट  ने कहा कि आय का स्रोत जानने के लिए जांच जरूरी है और यह भी पता लगाना जरूरी है कि प्रॉपर्टी का जो आकलन किया गया है वह कानूनी तौर पर कितना सही है।
बिहार की राजनीति में खुद को रॉबिनहुड कहने वाले लालू यादव को ही देख लीजिए। पूरा परिवार जांच एजेंसियों के चक्रव्यूह में यूं ही नहीं फंसा है। एक बेटे नाम पर पेट्रोल पंप है, दूसरे के नाम मॉल। बेटी के नाम कई कंपनियां तो राबड़ी के नाम हजारों एकड़ ज़मीन। ED से लेकर आईटी और सीबीआई तक रीसर्च में जुटी है, आखिर कमोबेश यही स्थिति यूपी के सबसे बड़े सियासी खानदान की है। समाजवाद का मंत्र जपने वाले मुलायम सिंह की संपत्ति भी सालों से खंगाल रही है सीबीआई। आपके शायद न पता हो लेकिन शुरुआती दिनों में साइकिल की सवारी करने वाले मुलायम के परिवार में कारों की प्रदर्शनी लगी है। भांति-भांति की गाड़ियां हैं। अभी कुछ ही दिन पहले कर्नाटक में कांग्रेस के ट्रॉबुल शूटर डीके शिवकुमार के ठिकानों आयकर के अफसर पहुंचते थे। सियासत को मुनाफे की फैक्ट्री बनाने के चक्कर में लालू यादव, जयललिता, चौटाला, जगनमोहन सरीखे नेता जेल की शोभा बढ़ा चुके हैं। हिमाचल की सत्ता पर काबिज वीरभद्र सिंह की अकूत संपत्ति बनाने की वीरगाथा उस वक्त चर्चा की विषय बन गयी थी, जब उन्होंने बताया था कि सेब उपजाकर उन्होंने अरबों रूपये कमा लिये। जबकि रिपोर्ट बताती है कि खेतों और बागों में काम करने वाले मजदूर और अमीरों के बीच फासला बढ़ता जा रहा है। इसलिए बड़े विद्वान अर्थशास्त्रियों के बीच भी ये शोध का विषय बना हुआ है कि आखिर कैसे नेताओं की संपत्ति 5 सालों में 500 फीसदी बढ़ जाती है ?

शनिवार, 22 जुलाई 2017

इजरायल की अनकही बातें

इलजारयल...एक ऐसा देश जो चारों तरफ से दुश्मन देशों से घिरा हुआ है...इसके बाजवूद किसी की हिम्मत नहीं होती है कि उसकी तरफ आंख उठाकर देख सके....ऐसा यूं ही मुमकिन नहीं हुआ है....इसके पीछे है इजरायल के लोगों की स्वाभिमानी और देशभक्त सोच.। 
अब हम आपको बताते हैं कि क्या है इजरायल की वो खासियतें, जो उसको सबसे अलग और आत्मविश्वास से लबरेज करती है। असल दुनिया के मानचित्र पर इजरायल का जन्म 1948 में हुआ। देश की मान्यता मिलते ही अरब देशों ने इजरायल पर अटैक कर दिया....लेकिन इजरायल से जीत नहीं पाए...इसके बाद इजरायल पर 6 बार हमला हुआ,,. लेकिन हर बार इजरायल आगे ही बढ़ता गया। इजरायल के सभी स्टूडेंट्स, चाहे वह लड़का हो या लड़की, सभी को हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनिवार्य रूप से मिलिट्री सर्विस जॉइन करनी पड़ती है...इजरायल की सेना में आधे से ज्यादा लड़कियां है।
इजरायल का एक ही मंत्र है कि किसी भी आतंकी घटना के बाद एक के बदले दुश्मन के 50 लोगों को मारो...फिलिस्तीनी आतंकवादियो ने 1972 के म्यूनिख ओलंपिक गेम्स विलेज में घुसकर 11 इजरायली खिलाडियों की हत्या कर दी थी... तब प्रधानमंत्री ने सारे मृत खिलाड़ियो के घरवालों को खुद फोन करके कहा की हम बदला लेकर रहेंगे...और उसके बाद  इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अलग-अलग देशों से ढूंढकर सभी आतंकियों को मार गिराया।
दुनिया में सिर्फ इजराय ही यहुदियों का देश है...दुनिया में किसी भी देश में पैदा होने वाले को इजराय की नागरिकता मिल जाती है...यहां की भाषा हिब्रु है...मध्यकाल में हिब्रु का भाषा का आतं हो गया । लेकिन इजरायल के जन्म के बाद इसे राष्ट्रभाषा बनाया गया।
इजरायल में साढ़े तीन हजार से भी ज्यादा टेक्नॉलोजी कंपनी हैं...मोटोरोला कंपनी ने पहला फोन इजरायल में ही बनाया था...माइक्रोसॉफ्ट के लिए पेंटीएम चिप, यूएसपी पेंड्राइव, एंटी वायरस, पहली वॉयस मेल तकनीक यहीं विकसित की गई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि हर पाकिस्तानी पासपोर्ट पर लिखा होता है कि यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी देशो में मान्य है।
.इजरायली बैंक द्वारा जारी नोट को दृष्टिहीन भी पहचान सकते हैं, क्योंकि उसमें ब्रेल लिपि का भी इस्तेमाल किया जाता है...इजरायल की वायुसेना दुनिया में चौथे नंबर की वायुसेना है।  इजरायल दुनिया का इकलौता ऐसा देश है, जो समूचा एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस है। इजरायल की ओर जाने वाली हर मिसाइल रास्ते में ही दम तोड़ देती है।
इजरायल दुनिया में उन 9 देशों में शामिल है, जिसके पास अपना सेटेलाइट सिस्टम है। इजरायल अपनी जरुरत का 93 प्रतिशत खाद्य पदार्थ खुद पैदा करता है...इजरायल के कृषि उत्पादों में 25 साल में सात गुणा बढ़ोतरी हुई है, जबकि पानी का इस्तेमाल जितना किया जाता था, उतना ही अब भी किया जा रहा है.।
इजरायल में 137 ऑफिशियल बीच हैं। जबकि इजरायल के पास महज 273 किमी समुद्री तट है। इजरायल देश जब आजाद हुआ तो पार्लियामेंट के पहले रिजॉल्यूशन में भारत की प्रशंसा की थी कि भारत ही ऐसा देश है, जहां यहुदी रहते हैं और उन्हें कभी अपमानित नहीं किया जाता...लेकिन संयोग देखिए की 70 सालों में कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजरायल तक नहीं पहुंचा...जबकि भारत के दुश्मनों से हर लड़ाई में इजरायल ने भारत का सपोर्ट किया था।