शुक्रवार, 7 अगस्त 2015

राधे मां के नाम एक चिट्ठी

परम श्रद्धेय राधे मां जी।

आपने धर्म और धर्मगुरु की जो नई परिभाषा गढ़ी है इसके लिए बहुत शुक्रिया। आपका नया-नया अवतार देखकर प्रशन्नता होती है। मन उत्साह से भर जाता है। हंसी आनेलगती है उन महामुनियों पर जो कई दशकों तक पहाड़ के किसी कोने में बैठकर, बाल-दाढ़ी बढ़ाए हुए। पागल की तरह तपस्या करते थे। तब जाकर कहीं भगवान का दर्शन हो पाता था। लेकिन आपने तो मायानगरी मुंबई में बैठकर सुक्ष्म वस्त्रों में चंद महीनों के भीतर मां दुर्गा को अपने भीतर समाहित कर लिया। मां बन गईं। देवी बन गईं। अद्भुत है।

छोटे-छोटे कपड़ों में जब आप फोटो शूट करवाती हैं। उसे भक्तों में बांटती हैं। जब नाचते-नाचते आप किसी भक्त की गोद में बैठ जाती हैं। जब आप किसी पुरूष भक्त के साथ बांह में बांह डालकर डांस करने लगती हैं तो यकीन मानिए कई बार जी चाहता है कि मैं भी आपका भक्त बन जाऊं। लेकिन भगवान और आस्था को लेकर मेरा रूढ़ीवादी संस्कार इजाजत नहीं देता।

वैसे तो चटनी वाले बाबा आदरणीय निर्मल बाबा जी ने धर्म और धर्मगुरुओं को लेकर पुरातन भ्रम को तोड़ा था। एक नई लकीर खींची थी। समोसा खिलाकर। जूता पॉलिस करवाकर। पत्नी की साड़ी सुखवाकर। और कितने आसान-आसान तरीकों से कृपा बरसाते हैं। लेकिन आपने तो उन्हें भी पीछे छोड़ दिया। पहले निर्मल बाबा मुझे बहुत पसंद थे। क्योंकि कृपा पाने का इससे आसान और सस्ता-सरल उपाय कोई नहीं बताता था। हालांकि मैं कभी उनके पास गया नहीं। ये मेरा दुर्भाग्य है। लेकिन आपने तो उन्हें भी पीछे छोड़ दिया। क्योंकि जब आप सामने आ जाती हैं तभी कृपा बरसने लगती है।

आपका जब वो नाचने वाला वीडियो देखा, तो एकबारगी यकीन ही नहीं हुआ कि आप ही हैं। किसी फिल्मी हीरोइन से कम नहीं लग रही थीं आप। उसके बाद जब आपकी मॉडर्न अवतार वाली तस्वीरें देखी तो विश्वास हो गया कि किसी फिल्म में एक्स्ट्रेस का रॉल आप बहुत बेहतर कर लेंगी। एक फिल्मी दर्शक होने के नाते इतना जरूर कहूंगा कि आपकी फिल्म सुपर-डुपर हिट होगी। आप एक फिल्म जरूर बनाइए।

एक बातऊं राधे मां जी। पहले जब आपका नाम सुनता था। आपके बारे में सुनता था तो मुझे समझ में नहीं आता कि कोई कैसे आपको देवी मां मान लेता है। कैसे लोग आपकी भक्ति में लीन रहते हैं। लेकिन जब आपका वीडियो देखा। आपकी तस्वीरें देखी। आपकी कहानी पढ़ी तो पता चला कि मैं ही कितना बड़ा मूर्ख हूं। आपके भक्त तो बड़े ज्ञानी हैं। दूरदर्शी हैं। एकबार कोई भी देख ले, महसूस कर ले तो आपके प्रति आस्थावान बन जाए।

जिन्होंने आपके ऊपर अश्लीलता फैलाने का केस दर्ज किया है, उसे नहीं पता कि उसने कितना बड़ा पाप किया है। आप उसकी शिकायतों पर ध्यान मत दीजिएगा। वो वकील नादान है। कुछ ज्यादा ही पढ़ लिख गई है। इसलिए नादानी कर बैठी। हां, एक आदमी ने धमकी देने का आरोप भी लगाया है आप पर। आप अपना वकील भेजकर केस रफा-दफा करवा लीजिएगा। एक लड़की ने भी दहेज के लिए दबाव का केस दर्ज करवाया है। माफ कर दीजिएगा उसे भी। आप इतना महान काम कर रही हैं। विज्ञान के युग में आस्था को जिस तरह से प्रवाहित कर रही हैं, जाहिर है कुछ लोगों को पसंद नहीं आएगा।

आप क्रोधित होकर धर्मगुरु वाला ये काम मत छोड़ दीजिएगा। बहुत निराशा होगी। कई भक्त जिन्हें अपनी गोद में आपको उठाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। जो आपके साथ डांस करते हैं। जो आपकी सिर्फ तस्वीरें देख-देखकर दिन-रात बिताया करते हैं, उन्हें बड़ा सदमा लगेगा। उनकी जिंदगी बचाने के लिए अपना ये रूप बरकरार रखिएगा।

अंत में एक बात और। डॉक्टर कलाम के दौर में विज्ञान के तमाम सिद्धांत को अपने रूप, अपनी कला, अपने जादू, अपनी शक्ति से एक ही झटके में तोड़ देने के लिए। विकास के तमाम दावों को अपने भ्रमजाल में लपेट देने के लिए। रोटी के लिए लड़ते लोगों को अपना काम छोड़कर आपकी भक्ति के प्रति प्रेरित करने के लिए ये देश आपको याद रखेगा।

धन्यवाद
( एक मूर्ख, जो आपका भक्त नहीं बन सका )

3 टिप्‍पणियां:

  1. इससे अच्छा व्यवसाय कोई नहीं मिलने वाला ……कंपनी की तरह है यह जिसमें बहुत सारे लोग हिस्सेदार होते हैं

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  2. आप की लिखी चिठी राधे मां तक पहुंच सके...इस लिये
    दिनांक 10/08/2015 को आप की इस रचना का लिंक होगा...
    चर्चा मंच[कुलदीप ठाकुर द्वारा प्रस्तुत चर्चा] पर...
    आप भी आयेगा....
    धन्यवाद...

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